वेनेजुएला में हालिया अमेरिकी कार्रवाइयों ने अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है, जो इस बात पर जोर देते हैं कि बल का उपयोग कठोर UN चार्टर के मानकों के अनुसार होना चाहिए। चीन ग्लोबल टेलीविज़न नेटवर्क (CGTN) ने मिशिगन विश्वविद्यालय के कानून प्रोफेसर जूलियन डेविस मोर्टनसन से कानूनी प्रभाव का आकलन करने के लिए बात की।
मोर्टनसन ने याद दिलाया कि UN चार्टर किसी भी राज्य की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ बल के खतरे या उपयोग को प्रतिबंधित करता है, सिवाय आत्मरक्षा के मामलों में या सुरक्षा परिषद की स्वीकृति के साथ। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये नियम अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रीढ़ के रूप में कार्य करते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि राज्य विवादों को कानूनी और कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से हल करें न कि एकतरफा सैन्य उपायों के माध्यम से।
मोर्टनसन के अनुसार, यदि वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई बिना उचित UN अनुमोदन या आत्मरक्षा के स्पष्ट जनादेश के की गई हो, तो वे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर सकती हैं। ऐसा विकास महत्वपूर्ण कूटनीतिक परिणाम ला सकता है, UN ढांचे में विश्वास को कमजोर कर सकता है और अन्य राज्यों को स्थापित प्रक्रियाओं को दरकिनार करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।
जैसे-जैसे बहसें जारी हैं, मोर्टनसन का विश्लेषण UN चार्टर के मूल सिद्धांतों के स्थायी महत्व को उजागर करता है। पर्यवेक्षक बारीकी से देखेंगे कि ये कानूनी आलोचनाओं पर अमेरिका कैसे प्रतिक्रिया देता है और बहुपक्षवाद और वैश्विक स्थिरता के भविष्य के लिए इसका क्या अर्थ है।
Reference(s):
Legal experts: U.S. actions in Venezuela prohibited by UN Charter
cgtn.com








